केंद्र सरकार ने 8th Pay Commission Pension को लेकर बड़ा संकेत दे दिया है, जिससे देश के करीब 69 लाख केंद्रीय पेंशनर्स को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद बन गई है। सरकार द्वारा 8वें वेतन आयोग के लिए Terms of Reference (ToR) जारी किए जाने के बाद यह साफ हो गया है कि नए वेतन और पेंशन ढांचे पर आधिकारिक काम शुरू हो चुका है। इस फैसले का असर मौजूदा कर्मचारियों के साथ-साथ सभी पेंशनभोगियों की मासिक आय पर पड़ेगा, जो लंबे समय से पेंशन संशोधन और महंगाई राहत को लेकर इंतजार कर रहे थे।
वेतन आयोग की प्रक्रिया और 8वें आयोग की शुरुआत
भारत में वेतन आयोग का गठन लगभग हर दस साल में किया जाता है। अब तक सात वेतन आयोग लागू हो चुके हैं और 7वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 से प्रभावी है, जिसकी अवधि 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो रही है। इसी कारण सरकार ने 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। माना जा रहा है कि नवंबर 2025 के बाद आयोग पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा और कर्मचारियों व पेंशनर्स से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से काम करेगा।
69 लाख पेंशनर्स को लेकर बनी स्थिति
हाल के दिनों में ऐसी खबरें सामने आई थीं कि 8वें वेतन आयोग में बड़ी संख्या में पेंशनर्स को बाहर किया जा सकता है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी। लेकिन मौजूदा संकेतों और पुराने वेतन आयोगों की परंपरा को देखते हुए यह स्पष्ट होता जा रहा है कि सभी 69 लाख पेंशनर्स को 8वें वेतन आयोग के तहत पेंशन संशोधन का लाभ दिया जाएगा। आमतौर पर हर वेतन आयोग में पेंशन को भी संशोधित किया गया है और इस बार भी सरकार उसी नीति पर आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।
फिटमेंट फैक्टर से पेंशन में कितनी बढ़ोतरी संभव
8वें वेतन आयोग में पेंशन बढ़ोतरी का आधार Fitment Factor होगा। यही फैक्टर तय करता है कि पुरानी बेसिक पेंशन को नए ढांचे में कैसे बदला जाएगा। कर्मचारी संगठनों और विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि फिटमेंट फैक्टर 3.00 या उससे अधिक रखा जाता है, तो पेंशनर्स को बड़ी राहत मिल सकती है। इसके आधार पर न्यूनतम बेसिक पेंशन बढ़कर ₹25,000 से ₹30,000 तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, जिससे रिटायर्ड कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
डीए और डीआर के मर्ज होने से क्या बदलेगा
महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) इस समय 50 प्रतिशत की सीमा को पार कर चुके हैं। पेंशनर्स की लंबे समय से मांग रही है कि इस महंगाई भत्ते को बेसिक पेंशन में मर्ज किया जाए। यदि सरकार इस प्रस्ताव को स्वीकार करती है, तो पेंशनर्स की कुल मासिक पेंशन में 20 से 25 प्रतिशत तक की सीधी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। बढ़ती महंगाई के दौर में यह फैसला पेंशनभोगियों के लिए काफी राहत देने वाला साबित हो सकता है।
8वें वेतन आयोग से जुड़ी अहम जानकारी
| जानकारी | अनुमान |
|---|---|
| वेतन आयोग | 8वां वेतन आयोग |
| कुल पेंशनर्स | लगभग 69 लाख |
| संभावित पेंशन वृद्धि | 30% से 40% |
| फिटमेंट फैक्टर | 3.00 या उससे अधिक |
| लागू होने का अनुमान | 2027 |
सरकार का रुख और आगे की तस्वीर
पेंशनर्स के लिए सबसे अहम सवाल यही है कि पेंशन संशोधन को कितनी प्राथमिकता दी जाएगी। हाल ही में संसद में भी इस मुद्दे को उठाया गया है और सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा गया है। सूत्रों के अनुसार, वित्त मंत्रालय जनवरी में इस संबंध में कुछ सकारात्मक संकेत दे सकता है, जिससे पेंशनर्स की स्थिति और साफ हो सकती है। फिलहाल किसी भी पेंशनर को 8वें वेतन आयोग से बाहर रखने को लेकर कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है।
Disclaimer: यह लेख मीडिया रिपोर्ट्स, सरकारी संकेतों और विशेषज्ञों के अनुमानों पर आधारित है। 8वें वेतन आयोग, पेंशन बढ़ोतरी और फिटमेंट फैक्टर से जुड़ा अंतिम फैसला सरकार की आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही मान्य होगा। सटीक जानकारी के लिए केवल सरकारी नोटिफिकेशन पर ही भरोसा करें।