पहली नौकरी मिलते ही ₹15,000? बिना फॉर्म भरे मिलेगा पैसा, लेकिन सच जानकर चौंक जाएंगे युवा!

पहली नौकरी करने वाले युवाओं के लिए मोदी सरकार ने एक बड़ी घोषणा की है। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM Viksit Bharat Rojgar Yojana – PMVBRY 2026) के तहत अब पहली फॉर्मल नौकरी जॉइन करते ही ₹15,000 तक की नकद सहायता सीधे बैंक खाते में दी जाएगी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसके लिए किसी भी तरह का अलग आवेदन (Application) नहीं करना होगा। जैसे ही नया कर्मचारी EPFO Registration के दायरे में आता है, वह अपने आप इस योजना के लिए पात्र हो जाता है। यह राशि Direct Benefit Transfer (DBT) के जरिए किस्तों में दी जाती है, ताकि युवाओं को करियर की शुरुआत में आर्थिक सहारा मिल सके।


PM Viksit Bharat Rojgar Yojana 2026 क्या है?

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना को Employment Linked Incentive (ELI Scheme) भी कहा जाता है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को Formal Employment से जोड़ना और कंपनियों को नई भर्तियों के लिए प्रोत्साहित करना है। सरकार का लक्ष्य है कि अगले दो वर्षों में करीब 3.5 करोड़ युवाओं को इस योजना का लाभ मिले। इसके लिए केंद्र सरकार ने लगभग ₹99,446 करोड़ का भारी बजट तय किया है।


₹15,000 कैसे और कब मिलेंगे?

सरकार यह राशि एक साथ नहीं देती, बल्कि नौकरी में स्थिरता बनाए रखने के लिए किस्तों (Installments) में देती है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि कर्मचारी लंबे समय तक नौकरी से जुड़ा रहे।

Payment Schedule

किस्त समय सीमा राशि जरूरी शर्त
पहली किस्त नौकरी के 6 महीने पूरे होने पर ₹7,500 EPFO पंजीकरण सक्रिय
दूसरी किस्त नौकरी के 12 महीने पूरे होने पर ₹7,500 Financial Literacy Course पूरा
कुल लाभ 1 साल की सेवा के बाद ₹15,000 सैलरी ₹1 लाख से कम

PMVBRY Eligibility Criteria

इस योजना का लाभ हर कोई नहीं उठा सकता। सरकार ने इसके लिए कुछ साफ शर्तें तय की हैं। उम्मीदवार की यह पहली फॉर्मल नौकरी होनी चाहिए और उसका पहले कभी EPFO में रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ होना चाहिए। कर्मचारी की मासिक सैलरी ₹1,00,000 से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। नौकरी की शुरुआत 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच होना जरूरी है। साथ ही, जिस कंपनी में आप काम कर रहे हैं, वह EPFO Registered Employer होनी चाहिए।


बिना आवेदन के पैसा कैसे मिलेगा?

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यही है कि युवाओं को किसी सरकारी पोर्टल पर जाकर फॉर्म नहीं भरना पड़ता। पूरी प्रक्रिया ऑटोमैटिक और डिजिटल है। नौकरी जॉइन करते समय नियोक्ता आपका UAN (Universal Account Number) जनरेट करता है। इसके बाद कर्मचारी को UMANG App के जरिए Aadhaar Face Authentication करना होता है। UAN पोर्टल पर जाकर आधार और बैंक अकाउंट की e-KYC पूरी करनी जरूरी है। एक बार डेटा वेरिफाई होते ही EPFO सिस्टम खुद आपको योजना के लिए शॉर्टलिस्ट कर देता है।


Employers को क्या फायदा मिलेगा?

यह योजना सिर्फ कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। सरकार कंपनियों को भी नई भर्तियों के लिए प्रोत्साहन दे रही है। नियोक्ताओं को प्रति नए कर्मचारी ₹3,000 प्रति माह तक की सब्सिडी दो साल तक मिल सकती है। Manufacturing Sector की कंपनियों को यह लाभ चार साल तक दिया जा सकता है। हालांकि, शर्त यह है कि छोटी कंपनियों को कम से कम 2 और बड़ी कंपनियों को कम से कम 5 नए कर्मचारियों की भर्ती करनी होगी।


सावधान रहें: पैसा वापस भी लिया जा सकता है

अगर कोई कर्मचारी ₹15,000 का लाभ लेने के बाद 12 महीने से पहले नौकरी छोड़ देता है, तो सरकार यह राशि वापस ले सकती है। यह रिकवरी नियोक्ता के माध्यम से भी हो सकती है। इसलिए योजना का पूरा लाभ लेने के लिए नौकरी में निरंतरता बनाए रखना बेहद जरूरी है।

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